तुम इल्तिजा करो और
हम ना माने ऐसा तो नहीं
तुम हुकुम करो आर हम माने
ऐसा भी तो नही
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जो मुझे पसंद नहीं वो नहीं
बात ख़त्म
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किसी से कोई उम्मीद नहीं रखता
किसी से कुछ भी नहीं माँगता
मै वो इंसान हूँ
जो कुछ भी नहीं चाहता
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भीड़ में मै बहुत कम मिलता हूँ
मुझे मिलने के लिए अकेला आना पड़ता है
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मै तो बर्बाद भी मुस्कुराकर हुआ हूँ
मै खुद पर हँसता हूँ
मुझे नुकसान पहुँचाने वाले जा
तू मुझ पर नहीं
मै तुझ पर हँसता हूँ
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